ऊपर दिया गया कार्ड आपके द्वारा चुने गए शहर के लिए आज का अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat) दर्शाता है। यह स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर गणना की गई, सौर दोपहर (solar noon) के आस-पास की एक संक्षिप्त और अत्यंत शुभ समयावधि है। इसमें आप चयनित तिथि के लिए सटीक प्रारंभ और समाप्ति समय देख सकते हैं। सटीक गणना के लिए अपने वर्तमान स्थान का उपयोग करें; यह जानकारी स्वतः अपडेट हो जाती है।
अभिजीत मुहूर्त क्या है?
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat) प्रतिदिन आने वाली एक संक्षिप्त, किंतु अत्यंत शुभ समयावधि है। जब कोई अन्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तब किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए इसे अत्यंत अनुकूल माना जाता है। 'अभिजीत' शब्द का अर्थ है 'विजय' या 'सफलता'। अधिकांश पंचांग परंपराओं के अनुसार, यह मुहूर्त दिन के मध्य भाग (दोपहर) में आता है—जब सूर्य अपने सर्वोच्च शिखर पर होता है—न कि प्रातः या संध्या काल में। यद्यपि इसकी अवधि चौघड़िया या होरा से छोटी होती है, फिर भी यह महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने, यात्रा आरंभ करने या नया व्यापार शुरू करने जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त मानी जाती है।
अभिजीत मुहूर्त की गणना
इसकी गणना के लिए सर्वप्रथम स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान (दिन के प्रकाश की कुल अवधि) को मापा जाता है। इस अवधि का मध्यबिंदु स्थानीय 'सौर दोपहर' (Solar Noon) कहलाता है। अभिजीत मुहूर्त इसी मध्यबिंदु के आस-पास केंद्रित होता है। चूंकि यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करता है, इसलिए ऋतुओं और अक्षांश के अनुसार इसका समय भी बदलता रहता है। उदाहरण के लिए, सर्दियों का अभिजीत मुहूर्त गर्मियों के समय से भिन्न होगा, और दोनों ही अपने-अपने मौसम के अनुसार सटीक होते हैं।
अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कब किया जाता है?
अभिजीत मुहूर्त दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए एक अत्यंत व्यावहारिक और लोकप्रिय विकल्प है। इसका उपयोग नया व्यापार शुरू करने, महत्वपूर्ण आवेदन जमा करने, पहला भुगतान करने, विद्यारंभ करने या किसी महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने के लिए किया जाता है। जब किसी विशिष्ट कार्य के लिए ज्योतिषी या पंडित जी से तिथि और नक्षत्र के आधार पर पूर्ण मुहूर्त निकलवाना संभव न हो, तब पंचांग या कैलेंडर में दिए गए अभिजीत मुहूर्त का उपयोग किया जा सकता है।
सावधानियाँ और अन्य ज्योतिषीय कारक
यद्यपि अभिजीत मुहूर्त अत्यंत शुभ माना जाता है, परंतु कुछ मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त का त्याग किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यदि इस समय राहु काल जैसी कोई अशुभ अवधि पड़ रही हो, तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। विवाह, गृह प्रवेश और जीवन के अन्य प्रमुख संस्कारों के लिए केवल अभिजीत मुहूर्त पर्याप्त नहीं है; इनके लिए तिथि, नक्षत्र, योग और पारिवारिक परंपराओं के आधार पर एक पूर्ण और सटीक मुहूर्त निकलवाना आवश्यक है। किसी भी बड़े कार्य से पूर्व अपने शहर का राहु काल और दैनिक पंचांग अवश्य जाँचना चाहिए।
अभिजीत और दोपहर की अन्य समयावधियाँ
अभिजीत मुहूर्त को घड़ी के ठीक 12 बजे या सामान्य लंच ब्रेक समझने की भूल न करें। यह आपके स्थानीय दिनमान के खगोलीय मध्यबिंदु पर आधारित होता है, जो भौगोलिक स्थिति और मौसम के अनुसार बदलता रहता है। इसके अतिरिक्त, यह ज्योतिष शास्त्र के 'अभिजीत नक्षत्र' से भी पूर्णतः भिन्न है। दैनिक पंचांग में 'अभिजीत मुहूर्त' का तात्पर्य सदैव दोपहर के आस-पास पड़ने वाली इसी शुभ समयावधि से होता है।
इन समयों की गणना कैसे की जाती है?
आपके भौगोलिक निर्देशांकों के आधार पर स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) का उपयोग करके सटीक सूर्योदय और सूर्यास्त का समय निकाला जाता है। तत्पश्चात, दिनमान के मध्यबिंदु के आधार पर मानक पंचांग विधियों द्वारा अभिजीत मुहूर्त की अवधि निर्धारित की जाती है। भारत के बाहर भी सटीक समय सुनिश्चित करने के लिए टाइम-ज़ोन और डेलाइट सेविंग टाइम (DST) का ध्यान रखा जाता है।


